JALANDHAR, December 15, 2021 2:49 pm
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को घर मुहैया करवाने के लिए मंत्रिमंडल ने गत दिवस अलग-अलग शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जाने वाले 25,000 (ईडब्ल्यूएस) घरों की अलॉटमेंट के लिए आवेदन मांगने को मंजूरी दे दी है। रिहायशी इकाइयों का क्षेत्र लगभग 30 वर्ग मीटर होगा। यह गरीब समर्थकीय स्कीम राज्य के लगभग 25000 परिवारों, जिनके पास कोई रिहायशी जगह नहीं है, को लाभ पहुंचाने में मददगार होगी। यह फैसला पंजाब भवन में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता अधीन हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता केे अनुसार इस समय सभी विकास प्राधिकरण जैसे गमाडा (233.588 एकड़), गलाडा (73.29 एकड़), पीडीए (16.52 एकड़), बीडीए (13.48 एकड़), जेडीए (11.25 एकड़) और एडीए (48.92 एकड़) में ई.डब्ल्यू.एस. हाउसिंग के लिए 397.048 एकड़ जमीन उपलब्ध है। बता दें, पंजाब ईडब्ल्यूएस हाउसिंग नीति को 9 मार्च, 2021 को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई थी, क्योंकि ऐसे 25,000 ईडब्ल्यूएस घर, आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग के अधीन विशेष शहरी योजना और विकास प्राधिकरणों द्वारा बनाए जाएंगे।
शहरी विकास प्राधिकरण में डेवलपरों के शेष बकाया पर ब्याज के कटौती को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने डेवलपर्स के शेष बकाये जैसे कि ईडीसी पर 10 फीसद साधारण ब्याज जमा 3 फीसद जुर्माना ब्याज घटाकर शहरी विकास प्राधिकरण में 8.5 फीसद सालाना करने का फ़ैसला किया है। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने नए और चल रहे प्रोजेक्टों के लिए ब्याज की साधारण और जुर्माना दरों को घटाकर 7.5 फीसद सालाना और 10 फीसद सालाना करने का फ़ैसला किया है।
पंजाब फूड ग्रेन लेबर एंड कारटेज, 2022 और पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोटेशन, 2022 की नीतियों को मंजूरी
1 अप्रैल, 2022 से शुरू होने वाले साल 2022-23 के आगामी खरीद सीजन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने लेबर और ढुलाई और अनाज की मंडियों से इसके भंडारण स्थानों तक ले जाने के लिए साल 2022 के लिए पंजाब फूड ग्रेन लेबर एंड कारटेज नीति और पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोरटेशन नीति को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत की गई दोनों नीतियों के अंतर्गत अनाज की ढुलाई के अलावा लेबर और कारटेज का काम पारदर्शी ऑनलाइन टेंडर प्रणाली के द्वारा अलॉट किया जाएगा।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को घर मुहैया करवाने के लिए मंत्रिमंडल ने गत दिवस अलग-अलग शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जाने वाले 25,000 (ईडब्ल्यूएस) घरों की अलॉटमेंट के लिए आवेदन मांगने को मंजूरी दे दी है। रिहायशी इकाइयों का क्षेत्र लगभग 30 वर्ग मीटर होगा। यह गरीब समर्थकीय स्कीम राज्य के लगभग 25000 परिवारों, जिनके पास कोई रिहायशी जगह नहीं है, को लाभ पहुंचाने में मददगार होगी। यह फैसला पंजाब भवन में मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की अध्यक्षता अधीन हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिया गया।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता केे अनुसार इस समय सभी विकास प्राधिकरण जैसे गमाडा (233.588 एकड़), गलाडा (73.29 एकड़), पीडीए (16.52 एकड़), बीडीए (13.48 एकड़), जेडीए (11.25 एकड़) और एडीए (48.92 एकड़) में ई.डब्ल्यू.एस. हाउसिंग के लिए 397.048 एकड़ जमीन उपलब्ध है। बता दें, पंजाब ईडब्ल्यूएस हाउसिंग नीति को 9 मार्च, 2021 को कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई थी, क्योंकि ऐसे 25,000 ईडब्ल्यूएस घर, आवास निर्माण और शहरी विकास विभाग के अधीन विशेष शहरी योजना और विकास प्राधिकरणों द्वारा बनाए जाएंगे।
शहरी विकास प्राधिकरण में डेवलपरों के शेष बकाया पर ब्याज के कटौती को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने डेवलपर्स के शेष बकाये जैसे कि ईडीसी पर 10 फीसद साधारण ब्याज जमा 3 फीसद जुर्माना ब्याज घटाकर शहरी विकास प्राधिकरण में 8.5 फीसद सालाना करने का फ़ैसला किया है। इसके अलावा मंत्रिमंडल ने नए और चल रहे प्रोजेक्टों के लिए ब्याज की साधारण और जुर्माना दरों को घटाकर 7.5 फीसद सालाना और 10 फीसद सालाना करने का फ़ैसला किया है।
पंजाब फूड ग्रेन लेबर एंड कारटेज, 2022 और पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोटेशन, 2022 की नीतियों को मंजूरी
1 अप्रैल, 2022 से शुरू होने वाले साल 2022-23 के आगामी खरीद सीजन को ध्यान में रखते हुए मंत्रिमंडल ने लेबर और ढुलाई और अनाज की मंडियों से इसके भंडारण स्थानों तक ले जाने के लिए साल 2022 के लिए पंजाब फूड ग्रेन लेबर एंड कारटेज नीति और पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोरटेशन नीति को मंजूरी दे दी है। मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत की गई दोनों नीतियों के अंतर्गत अनाज की ढुलाई के अलावा लेबर और कारटेज का काम पारदर्शी ऑनलाइन टेंडर प्रणाली के द्वारा अलॉट किया जाएगा।
कोविड-19 महामारी के दौरान धार्मिक संस्थाओं के वाहनों और बसों को मोटर वाहन टैक्स से छूट
कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान लॉकडाउन के कारण ट्रांसपोर्ट सेक्टर को हुए बड़े वित्तीय नुकसान से राहत देने के लिए मंत्रिमंडल ने ठेके पर चलने वाले वाहनों (16 सीटों तक), धार्मिक संस्था की बसें और स्टेज कैरीएज बसें (35 सीट तक) को मोटर व्हीकल टैक्स से छूट देने की मंजूरी दे दी है। इन फ़ैसलों से सभी किस्मों की स्टेज कैरीएज बसें (35 सीटों तक, प्राईवेट/एसटीयू) के लिए मौजूदा दरें 30,000 रुपये से कम कर 20,000 रुपये प्रति बस प्रति वर्ष हो जाएंगी और मोटर व्हीकल टैक्स की दर में 5 प्रतिशत सालाना वृद्धि ख़त्म हो जाएगी। इसके अलावा 20 मई, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक 16 सीटों वाले ठेके पर चलने वाले वाहनों को और 23 मार्च, 2020 से 31 दिसंबर, 2020 तक धार्मिक संस्थाओं की बसों को मोटर व्हीकल टैक्स से छूट दी गई है।
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